आज़ाद मैदान पर CAA खिलाफ बड़ा आंदोलन

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आज़ाद मैदान पर CAA खिलाफ बड़ा आंदोलन

मुंबई: सीएए के खिलाफ विरोध मार्च निकालने के लिए शनिवार को मुंबई, ठाणे, भिवंडी और अन्य क्षेत्रों से हजारों प्रदर्शनकारियों ने आजाद मैदान में रैली की। इस मार्च में लगभग 65 संगठनों ने भाग लिया। विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों के साथ महाराष्ट्र विकास गठबंधन के नेताओं ने भी इस मार्च में भाग लिया। भारी भीड़ के कारण, आजाद मैदान और नगर पालिका मुख्यालय क्षेत्र में ट्रफिक जैम रहा । प्रदर्शनकारियों की भीड़ द्वारा यातायात को परेशानियों कासामना करना पड़ा।

विरोध मार्च को देख यात्री दंग रह गए

छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनसपर शनिवार को दोपहर हररोज़ से अधिक भीड़ दिखने से अन्य प्रवासी घबरा गए। पोलीस और आरपीएफचे जवान भीड़पर नियंत्रण पाने के लिए सीटियां बजा रहे थे यह देखकर यात्रियों क अनुमान हो चला था की यह कोई मोर्चा है।इसलिए वहां खड़े यात्री बहार निकलने की कोशिश कर रहे थे।यात्रियों को बहार निकलनेको दिक्कतों का सामना करना पड़ा।स्वयंसेवक भीड़ पर काबू करने की कोशिश कर रहे हे और काफी हद्द तक वो सफल रहे लेकिन कुछ छुटपुट चीज़ें हुई भी। सीएसएमटीका सबवे भीड़ से फूल गया था। कुछ सड़क के दुकानदारों को अपनी दुकान बंद रखनी पड़ी. इस बिच पुलिसवालों की काफी हैरानी हुई।

आजाद मैदान और अन्य इलाकों में पुलिस को निगरानी में रखा गया था। हालांकि, यह देखा गया कि पुलिस भीड़ को नियंत्रित करते हुए पुलिसवालों की काफी हैरानी हुई। प्रदर्शनकारियों को महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइनों से गुजरना पड़ा। कुछ प्रदर्शनकारी पोस्टर और बैनर लेकर बीच में खड़े थे। लेकिन उन्हें हटाने के लिए पुलिस के तार उड़ते दिखाई दिए।

मोदी सरकार नफरत फैलाना बंद करो, शिक्षा और रोजगार देने का काम करो, इस प्रकार के नारे लगाते महिला आणि युवा वर्ग आझाद मैदानमें जोश भर रहे थे। कुछ आंदोलक सेल्फी लेने में व्यस्त थे।

सीएए, एनआरसी और इसी तरह के कानूनों के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। पिछले हफ्ते, आज़ाद मैदान ने कानून का समर्थन करने और बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर करने के लिए मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा एक भव्य मार्च का आयोजन किया था। राज्य भर के हजारों मनसे कार्यकर्ता मार्च में शामिल हुए थे। उसके बाद आठ दिनों के भीतर, 65 संगठनों ने फिर से केंद्र सरकार के खिलाफ आजाद मैदान में आंदोलन किया। संविधान रक्षा और भारत रक्षा के नारों से आजाद मैदान परिसर हिल गया। प्रदर्शन में सपा के अबू आजमी सहित विभिन्न मुस्लिम संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। उद्धव ठाकरे ने एनआरसी के संबंध में जो बातें कहीं, उनका पालन किया जाना चाहिए, अबू आजमी ने अपील की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संविधान के पढ़ने पर ही देश बचेगा। हमारे पास देश भर में सीएए, एनआरसी और एनआरपी के मामले में चल रहे आंदोलन का समर्थन है और केंद्र सरकार की तानाशाही का विरोध करने के लिए सभी जातियों के लोगों ने मार्च में भाग लिया है।

इफ्तिखार जकी शेख ने सुबह 6 से शाम 10 बजे तक मजलगांव के पुराने ईदगाह मैदान में सीएए और एनआरसी के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। लेकिन पुलिस ने बीड के अतिरिक्त जिला कलेक्टरों के आदेश का हवाला देते हुए विरोध के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

औरंगाबाद: राष्ट्रीय नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 (सीएए), राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या पंजीकरण (एनपीआर) के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने के लिए उच्च न्यायालय ने नागरिकों के अधिकार को बरकरार रखा है। अदालत ने यह भी कहा कि भारत की वैश्विक बिरादरी नीति का प्रमाण देकर भाईचारे को धक्का देनेकी की कोशिश देश की अखंडता को खतरे में डाल सकती है।

 

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