चीनी प्रयोगशाला में कोरोना वायरस का निर्माण ?

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बीजिंग: चीन कोरोना वायरस के वैश्विक प्रकोप से चिंतित है। चीन में हर दिन कोरोनरी संक्रमण की खबरें आती हैं। हुबेई प्रांत के वुहान में कोरोना सबसे अधिक प्रभावित है। वायरस का उत्पादन एक सरकारी प्रयोगशाला में किया गया था।इसी प्रयोगशाला की वजह से कोरोनरी संक्रमण शुरू हुआ यह बहस चल रही है ।

ज्यादातर कोरोनरी मरीज वुहान में पाए जाते हैं। यह सूचना दी है कि कोरोना वायरस वुहान के एक मछली बाजार में एक सरकारी प्रयोगशाला से फैल गया है। लैब लगभग 300 गज लंबी है। चीन में दक्षिण चीन प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अनुसार, वायरस हुबेई प्रांत में वुहान सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (WHDC) द्वारा निर्मित किया गया है। वैज्ञानिकों बोताओ शाओ और ली शाओ के दावों के अनुसार इस प्रयोगशाला मे संसर्गजन्य रोग फैला सकेंगे ऐसे कुछ प्राणियों को यहाँ रखा गया था।उसमे ६०५ चमगादड़ थे । उन्होंने यह भी संभावना व्यक्त की कि कोरोना वायरस एक ही प्रयोगशाला से उत्पन्न हुआ होगा। प्रयोग के लिए रखे गए एक चमगादड़ ने संशोधनकरता पर हमला कर दिया।उसी समय उस चमगादड़ का खून संशोधनकरता के शरीर में चला गया। इसप्रकार का दवा व्याग्यानिकोने ‘डेली मेल’ को दिए इंटरव्यू में कहा ।

इन वैज्ञानिकों के अनुसार, रोगियों में पाया जाने वाला जीनोम अनुक्रम ९६ या ८९ प्रतिशत था। जो कि बैट CoC ZC45 कोरोना वायरस से काफी मिलता-जुलता है। हालांकि, वायरस राइनोफस एफिसिन में पाया जाता है। खबरों के मुताबिक, वुहान के मछली बाजार से देसी किसान लगभग ६०० मील दूर पाए जाते हैं। इसके अलावा, युन्नान और झेजियांग प्रांतों के प्रवासियों की संख्या छोटी होने की संभावना है। इसके अलावा, स्थानीय लोगों को अक्सर चमगादड़ मीट न खाने की सलाह दी जाती है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस मामले की सूचना ३१ स्थानीय लोगों ने दी थी ।

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