चुनौतीपूर्ण हुआ महामारी से निपटना

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चुनौतीपूर्ण हुआ महामारी से निपटना

पेइचिंग (भाषा)। ॥ चीन में घातक कोरोना वायरस से ९७ और लोगों की जान जाने के बाद मरने वालों की संख्या बढÃ कर १‚११५ हो गई और इसके अभी तक ४५‚१७१‚ से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया‚ ३१ प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में ९७ लोगों की जान चली गई और २‚०१५ नए मामलों की पुष्टि होने की खबरें हैं। च्जिनेवा में एक सम्मेलन के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को आधिकारिक तौर पर ‘सीओवीआईड़ी–१९’ नाम दिया है। आयोग ने बताया‚ शनिवार को जिन ९७ लोगों की जान गई उनमें से ९४ हुबेई प्रांत के थे‚ जहां इस वायरस के कारण सर्वाधिक लोग मारे गए हैं। इसके अलावा हेनान‚ हुनान और चोंग्किंग में इससे एक–एक व्यक्ति की जान गई है॥। आयोग ने बताया‚ मंगलवार को इसके ३‚३४२ नए संदिग्ध मामले भी सामने आए। उसने बताया कि मंगलवार को ८७१ मरीज गंभीर रूप से बीमार थे और वहीं ७४४ लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। अभी तक कुल ४‚७४० लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। चीन में मंगलवार तक ४५‚१७१ मामलों की पुष्टि हो गई थी और १‚११५ लोगों की जान इससे जा चुकी है। आयोग के अनुसार‚ ८‚२०४ लोगों की हालत गंभीर बनी रही और १६‚०६७ लोगों के इससे संक्रमित होने की आशंका है। हांगकांग में मंगलवार तक कोरोना वायरस के ४९ मामले सामने आ चुके थे‚ जहां इससे एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है। मकाउ में १० और ताइवान में इसके १८ मामले सामने आए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यह वायरस पिछले साल हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान के उस बाजार से फैला था‚ जहां जंगली जानवर बेचे जाते हैं॥। ड़ब्ल्यूएचओ के प्रमुख तेदरोस अदहानोम गेब्रेयसेस ने मंगलवार को कहा था कि हालांकि इसके ९९ प्रतिशत मामले चीन में है लेकिन यह पूरे विश्व के लिए एक बड़़ा खतरा है। उन्होंने सभी देशों से इस संबंध में किए गए किसी भी शोध की जानकारी साझा करने की अपील भी की थी। ड़ब्ल्यूचओ के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की एक टीम आपात स्वास्थ्य स्थितियों से निपटने के लिए प्रभारी ब्रूस एलवर्ड़ के नेतृत्व में सोमवार रात यहां पहुंची थी। टीम ने मंगलवार को कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने को लेकर चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ चर्चा शुरू की। ॥ घर से काम करने को मजबूर कोरोना वायरस ने करोड़़ों लोगों को घरों से काम करने को मजबूर कर दिया है। स्कूलों‚ सरकारी विभागों‚ चिकित्सा सेवाओं और कारोबार से जुड़़े लोग घर बैठकर काम कर रहे हैं। चीन में कोरोना वायरस फैलने के बाद देश के बड़़े हिस्से में जनजीवन अस्त व्यस्त है‚ जिसके चलते लोग यह कदम उठा रहे हैं। वायरस से एक व्यक्ति से दूसरा व्यक्ति संक्रमित न हो‚ इसके लिए लोगों को एक जगह जमा नहीं होने की सलाह दी गई है। पूरे देश में स्कूलों को मार्च तक के लिये बंद कर दिया गया है‚ जिसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़़ रहा है। इसके अलावा विभिन्न संग्रहालयों और सांस्कृतिक स्थलों को भी बंद किया जा चुका है। अस्पतालों का भी यही हाल है‚ जहां काम करने वाले लोग घरों से ही काम करने को मजबूर हैं॥। पेइचिंग (एएफपी)। चीन में महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस से निपटना चिकित्सकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है क्योंकि अब चिकित्सकों के पास ही मास्क और सुरक्षा के अन्य साजो सामान की भीषण किल्लत है। वुहान में कोरोना संक्रमण के मामले इस तेजी से बढ रहे हैं कि हर सप्ताह में हजारों नए मामले सामने आ रहे हैं। ॥ इतनी बड़़ी संख्या में मरीजों की जांच करने के लिए चिकित्साकर्मियों की संख्या अपर्याप्त हैं। दिन रात काम करके चिकित्सक थके हुए हैं। हालात ये हैं कि अनेक चिकित्सक को बिना उचित मास्क अथवा रक्षात्मक बॉड़ी सूट के ही मरीजों को देखना पड़़ रहा है। कुछ ने तो ड़ायपर पहने हैं ताकि इन सूट को उतारना नहीं पड़़े और इनका लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके॥।

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