दिल्ली आखिर क्यों जल रही है ?

0
14
दिल्ली आखिर क्यों जल रही है ?

नई दिल्ली: नई दिल्ली में नागरिकता सुधार अधिनियम (सीएए) के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन ने कल (24 फरवरी) को हिंसक मोड़ ले लिया। पूर्वोत्तर दिल्ली के मौजपूर क्षेत्र के जाफराबाद में कल (24 फरवरी) शाम 7.30 बजे बड़ी मात्रा में हिंसा भड़क उठी। मौजपूर क्षेत्र में नागरिकता सुधार अधिनियम के विरोधी और समर्थक सामने आए। इस समय एक अज्ञात बंदूकधारी ने पुलिस की और पिस्तौल से गोली चला दी। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी रतन लाल सहित पांच नागरिक मारे गए । दिल्ली दंगों में कई पुलिस अधिकारी और पुलिस कर्मी घायल हुए।

हाल ही में, दिल्ली पुलिस ने उस युवक की पहचान की है जिसने मोजपुर इलाके बंदूकसे आठ गोलियां दागी थीं। उस व्यक्ति का नाम शाहरुख प्रतीत होता है। वह वहां का स्थानीय निवासी है। उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

संशोधित नागरिकता कानून के समर्थक और विरोधक पिछले कुछ दिनों से जाफराबाद, मौजपुर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कल, इस आंदोलन के कुछ समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए। वे एक-दूसरे पर पत्थर मारने लगे। सड़कों पे आई इस भीड़ से निकले कुछ दंगाइयों ने सड़क पर खड़ी पर वाहनों, पड़ोस के घरों, गोदामों और दुकानों में आग लगा दी।

स्कूल कॉलेज बंद

दिल्ली में हिंसा के बाद, जफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी, जौहरी एन्क्लेव और शिव विहार के मेट्रो स्टेशन पूरी तरह से बंद हो गए हैं। कुछ स्थानों पर, एक भीड़ इकट्ठा न हो इसलिए धरा १४४ लगा दी गई है। इसी तरह, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं। दिल्ली में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है। इस पृष्ठभूमि देखते हुए ,अन्य राज्यों के बाद हाई अलर्ट जारी किया गया है।

सख्त कार्रवाई के आदेश

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह ने कल रात दिल्ली में हुई हिंसा के तुरंत बाद बैठक बुलाई। देररात करीब 11 बजे शुरू हुई बैठक देररात 1.30 बजे खतम हुई। इनमें गृह सचिव, खुफिया तंत्र के प्रमुख, दिल्ली पुलिस और अन्य गृह मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं। इस संबंध में कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया गया है।

“यह घटना बहुत गलत है। जानबूझकर विवाद किया जा रहा है। हमारी भावनाओं को लोकतंत्र की सीमाओं के भीतर व्यक्त किया जाना चाहिए। यहां तक कि जब राष्ट्रीय राजमार्ग दो महीने के लिए बंद कर दिया गया था, तब भी हमने बाधा नहीं डाली। अब इस पर पत्थरबाजी की जा रही है, आगजनी की जा रहा है, सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। गृह मंत्री जी किशन रेड्डी (दिल्ली दंगे) ने कहा, “इस पर कड़ी कार्रवाई होगी।”

दिल्ली में हिंसा: कब और कैसे हुई ?

  • 22 फरवरी (सुबह 10.30 बजे) – पूर्वोत्तर दिल्ली के जफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे सीएए का विरोध करती महिलाएं। उन्होंने मेट्रो स्टेशन के पास रस्ता रोको आंदोलन किया।
  • 23 फरवरी (सुबह 9) – जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास सड़क बंद होने के कारण भारी ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हुई। जिससे लोगों को काफी दिकत्तों का सामना करना पड़ा । इसके बाद, पुलिस ने आंदोलनकारी महिलाओं से
  • आग्रह किया कि वे सड़क रोको आंदोलन बंद करें। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर उनके समर्थकों को CAA का समर्थन करने के लिए मौजपूर चौक आने को कहा।
  • 23 फरवरी (अपराह्न 3.30-4 बजे के बीच) – सीएए के समर्थन में विरोध प्रदर्शन के दौरान कपिल मिश्रा ने भड़काऊ भाषण दिया। पुलिस ने तब प्रदर्शनकारियों को सड़क खोलने के लिए 3 दिन का अल्टीमेटम दिया था।
  • 23 फरवरी – बाबरपुर के पास सीएए का समर्थन करने वाले कुछ लोगों पर पत्थरबाजी की गई
  • 23 फरवरी – मौजपुर, करावल नगर, बाबरपुर और चांद बाग इलाकों में हिंसा शुरू हो गई।
  • 23 फरवरी (रात 9-11 बजे) – करावल नगर, मौजपुर, बाबरपुर और चांदबाग इलाकों में दंगाइयों द्वारा गाड़ियों,घरों,दुकानों को जलाया गया।
  • 24 फरवरी (सुबह 10 बजे) – 23 फरवरी की रात, पुलिस ने दावा किया कि दिल्ली में सभी स्थिति नियंत्रण में है । लेकिन 24 फरवरी को सुबह 10 बजे, सीएए समर्थक और विरोधी एक साथ आमने सामने आए। वे जोर-शोर से
  • एकदूसरे के खिलाफ नारे लगाने लगे।
  • 24 फरवरी (12-1.30 बजे) – दोपहर के समय बाबरपुर इलाके में कुछ लोगों ने पथराव किया। उनमें से कुछ मास्क और तलवारों के साथ रस्ते पर उतर आये बाबरपुर में करवाल नगर, शेरपुर चौक, कर्दमपुरी और गोकलपुरी में भी
  • हिंसा शुरू हो गई है।
  • 24 फरवरी – भजनपुर में बसों के साथ कुछ वाहनों को जला दिया गया। कुछ ने पेट्रोल पंप को आग लगा दी। घटना में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। पुलिस उपायुक्त घायल हो गए।
  • 24 फरवरी – सुबह शुरू हुई हिंसा पूरे दिन जारी रही। गोकलपुरी में, एक टायर बाजार में दंगाइयों द्वारा आग लगा दी गई थी।
  • 24 फरवरी – रात 10 बजे, मौजपुर और घोड़ा चौक इलाके में हिंसा हुई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here