भारत और विदेश के यूनिवर्सिटी के लगभग 150 शिक्षकों ने पंतप्रधान नरेंद्र मोदी को नीट-जेईई के संदर्भ में एक खत लिखा

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भारत और विदेश के यूनिवर्सिटी के लगभग 150 शिक्षकों ने पंतप्रधान नरेंद्र मोदी को नीट-जेईई के संदर्भ में एक खत लिखा

नीट-जेईई  परीक्षा के संदर्भ में भारत और विदेश के यूनिवर्सिटी के लगभग 150 से ज्यादा शिक्षकों ने  पंतप्रधान नरेंद्र मोदी को एक खत लिखा है । इसमें कहा गया है कि,” इन परीक्षाओं में और देरी विद्यार्थियों के  करियर के साथ खिलवाड़ होगी” । कुछ लोग अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ।

भारत और विदेश के यूनिवर्सिटी के लगभग 150 शिक्षकों ने पंतप्रधान नरेंद्र मोदी को नीट-जेईई के संदर्भ में एक खत लिखा

एडमिशन और क्लास के लिए  शंका दूर करना आवश्यक

इस पत्र में कहा गया है कि, युवा और विद्यार्थी देश का भविष्य है, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से उनका  करियर मुश्किल में पड़ गया है। एडमिशन और क्लास के लिए उनके मन में संदेह है, और उन्हें जल्द से जल्द दूर करना आवश्यक है । हर साल की तरह इस साल भी लाखों विद्यार्थी 12वीं कक्षा उत्तीर्ण हुए हैं । लेकिन अब वह घर में बैठकर आगे क्या करना है इसकी राह देख रहे हैं।

युवाओं के सपनों के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता

“जेईई और नीट परीक्षाओं की तारीख निश्चित हो गई है । इन परीक्षाओं को और देरी होने पर विद्यार्थियों का बेशकीमती साल जाया हो सकता है । युवाओं के सपने और भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना  चाहिए। हमें उम्मीद है नीट-जेईई परीक्षा सुरक्षा के साथ आयोजित करने में सरकार सफल होगी और 2000-2021 के  शिक्षा कैलेंडर भी जारी किए जाएंगे”।

मोदी को पत्र लिखने वालों में 10 अग्रगण्य यूनिवर्सिटी के शिक्षक शामिल

  1. दिल्ली यूनिवर्सिटी
  2. इग्नू
  3. लखनऊ यूनिवर्सिटी
  4. जे एन यू
  5. बीएचयू
  6. आईआईटी दिल्ली
  7. यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन
  8. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया
  9. हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूसलम
  10. बेन गुरियन यूनिवर्सिटी,  इसराइल

बिगर एनडीए शासित 7 राज्य के मुख्यमंत्री की परीक्षाओं को आगे करने की इच्छा 

कोरोना  दरमियां जेईई- और  नीट  परीक्षाएं अब सरकार के विरुद्ध को  विरोध को का मुद्दा बन गई है । कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी इनके  नेतृत्व में 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने परीक्षा स्थगित करने की मांग की है । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि, सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इकट्ठा होकर न्यायालय ने जाना चाहिए । उसके बाद  सर्वोच्च न्यायालय में  पुनर अवलोकन याचिका दाखिल की जाएगी,  ऐसा निर्णय लिया गया । तो  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत  सुरेंद्र जाने से पहले राष्ट्रपति को मिलने की चर्चा की ।

जेईई- मेन परीक्षा 7 से 11 अप्रैल और  नीट  3 मई को होनी थी,  लेकिन  कोरोना की वजह से यह परीक्षाएं दो बार आगे बढ़ाई गई । अब सितंबर का  आयोजन है । इन परीक्षाओं को आगे करने की विनती सर्वोच्च न्यायालय ने इससे पहले ही खारिज कर दी है । नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( एंनटिए )  ने भी मंगलवार को कहा है कि जेईई परीक्षा समय पर यानी 1 सितंबर से 6 सितंबर  और नीट परीक्षा 13 सितंबर को होगी । वहीं दूसरी ओर परीक्षाओं को  विरोध करने वाले राज्य कह  रहे हैं कि  कोरोना की स्थिति देखते हुए  परीक्षाओं का आयोजन योग्य नहीं होगा ।

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