भड़काऊ नारेबाझी :अनुराग ठाकुर व प्रवेश वर्मा के खिलाफ सुनवाई २३ अप्रैल के लिए स्थगित

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अनुराग ठाकुर व प्रवेश वर्मा के खिलाफ सुनवाई २३ अप्रैल के लिए स्थगित

नई दिल्ली: चुनावी सभा के दौरान कथित रूप से आपत्तिजनक बयाद देने को लेकर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर व सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर अदालत ने सुनवाई २३ अप्रैल के लिए स्थगित कर दी है। राऊज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विशाल पाहुजा ने कहा कि इससे संबंधित याचिका हाईकोर्ट में भी लंबित है। इसे देखते हुए सुनवाई स्थगित की जाती है। हाईकोर्ट में याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने दाखिल की है। अनुराग ठाकुर पर दिल्ली के चुनाव के दौरान ‘देश के गद्दारों को.’ वाला नारा चर्चा में रहा था। पुलिस ने ११ फरवरी को अदालत से कहा था कि ठाकुर व वर्मा के बयान की जांच चल रही है। उसकी अपराध शाखा शिकायत व साIय की विवेचना कर रहा है। निचली अदालत में दोनों के खिलाफ शिकायत सीपीएम नेता वृंदा करात व केएम तिवारी ने अदालत से की है। आपत्तिजनक बयान देने को लेकर दोनों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उन्होंने २९ जनवरी को पुलिस से अपनी शिकायत में की थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए वह अदालत की शरण में आई हैं। करात ने अपनी शिकायत में कहा है कि मंत्री ठाकुर ने रिठाला में चुनावी सभा के दौरान सीएए व एनआरसी की खिलाफत करनेवालों के खिलाफ कथित रूप से ‘देश के गद्दारों को .’ के आपत्तिजनक नारे लगावाए थे। सांसद वर्मा ने भी २८ जनवरी को एक साक्षात्कार में शाहीनबाग में धरना देने वालों के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने वाले बयान दिए हैं। उन्होंने कथित रूप से यह भी कहा था कि ‘प्रदर्शनकारी आपके घरों में घुसकर बहन–बेटियों की इज्जत . से ‘ संबंधित बात कही थी। साथ ही एक घंटे में शाहीन बाग को खाली करवाने की बात कही। शिकायत में कहा गया है कि वे दोनों राजनीतिक लोग हैं और उनके काफी समर्थक हैं। उनके कहने पर उनके कुछ समर्थक दंगा फैला सकते हैं। साथ ही आपसी सौहार्द बिगड़़ सकता है। हाईकोर्ट में याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने की है दाखिल। सीपीएम नेता वृंदा करात व केएम तिवारी ने भी याचिका निचली अदालत में दायर की है।

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