मेहुल चोक्सी सहित 50 कंपनियों को दिए कर्ज 68 हजार करोड़ की रकम डूब गई

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मेहुल चोक्सी सहित 50 कंपनियों को दिए कर्ज 68 हजार करोड़ की रकम डूब गई

मेहुल चोक्सी सहित 50 कंपनियों को दिए कर्ज 68 हजार करोड़ की रकम डूब गई

नई दिल्ली, 28 अप्रैल: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने स्वीकार किया है कि भारतीय बैंकों ने व्यक्तियों या कंपनियों को ऋण में अरबों रुपये दिए हैं। आरबीआई के अनुसार, 50 विलफुल डिफॉल्टरों द्वारा कुल 68,607 करोड़ रुपये कर्ज राइट ऑफ खाते में डाल दिया गया है। इसमें मेहुल चोकसी भी शामिल है, जो पीएनबी मामले में फरार है। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आरबीआई के समक्ष रखे गए सवालों का सामना करना पड़ा। यह जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले ने दी है। गोखले ने कर्ज के बारे में जानकारी मांगी थी।

गोखले ने मेहुल चोकसी सहित 50 प्रमुख देनदारों की स्थिति और उन सभी के बारे में पूछताछ की थी, जिन्होंने 16 फरवरी तक कर्ज लिया था। गोखले ने आईएएनएस को बताया कि राहुल गांधी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से लोकसभा बजट सत्र में इस बारे में पूछा था। हालांकि उन्हें उसबारे में कोई भी ठोस जवाब नहीं मिला , गोखले ने कहा कि जवाब नहीं मिलने से उन्होंने आवेदन किया ।

साकेत के अनुसार, उन्हें केंद्र से जवाब नहीं मिला लेकिन RBI के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी अभय कुमार ने उनके आवेदन का जवाब दिया। आरबीआई के अनुसार, इस राशि में कुल 68,607 करोड़ रुपये का बकाया है और तकनीकी रूप से डूब गया है। इस तरह के राइट-ऑफ लोन 30 सितंबर, 2019 तक माफ कर दिए गए हैं। हालांकि, RBI ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए विदेश जाने वाले लोगों की जानकारी देने से इनकार कर दिया है।

चोकसी की गीतांजलि जेम्स लिमिटेड सबसे ज्यादा कर्ज माफी वाली कंपनियों की सूची में सबसे ऊपर है। कंपनी की अपनी सहायक कंपनियों Jilli India Limited और Nakshatra Brands Limited को भी इसमें शामिल किया है। इन कंपनियों पर 8,100 करोड़ रुपये का संयुक्त कर्ज है। इस सूची में आइआय एग्रो भी शामिल है, जिसके मालिक संदीप झुनझुनवाला और संजय झुनझुनवाला हैं, जिनके पास 4,314 करोड़ रुपये का कर्ज है।

इसके अलावा सूची में जितेन मेहता के विनसम डायमंड्स और ज्वैलरी हैं, जिन पर 4,076 करोड़ रुपये का कर्ज है। विभिन्न बैंकों को धोखा देने के लिए सीबीआई द्वारा उसकी जांच भी की जा रही है। रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (2,850 करोड़ रुपये), पंजाब में कुदोस केमी (2,326 करोड़ रुपये), इंदौर में रूचि सोया उद्योग, बाबा रामदेव और बालकृष्ण (2,212 करोड़ रुपये), ग्वालियर में ज़ूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (2,012 करोड़ रुपये) के मालिक हैं। इसमें कम कर्ज वाली कंपनियां शामिल हैं। 2,000 करोड़ रुपये से कम के ऋण वाली कुल 18 कंपनियों को राइट ऑफ खतों में डाल दिया गया है ।

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