खाद्य वस्तुओं के सस्ता होने से थोक मुद्रास्फीति घटी

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Wholesale inflation down due to cheaper food items
  • Wholesale inflation down due to cheaper food itemsफरवरी में गिरकर २.२६ प्रतिशत पर पहुँची थोक महंगाई दर
  • इस साल जनवरी में ३.१ फीसद पर थी थोक मुद्रास्फीति की दर
  • बीते साल फरवरी में २.९३ फीसद दर्ज हुई थी थोक महंगाई दर
  • द कच्चा तेल और खनिजों के दामों में गिरावट से अभी और घटेगी थोक मुद्रास्फीति की दर

नई दिल्ली;खाद्य जिन्सों और सब्जियों के भाव नरम होने से महीने में थोक मूल्य सूचकांक (ड़ब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति नरम होकर २.२६ प्रतिशत पर आ गई। इस साल जनवरी में थोक मुद्रास्फीति ३.१ प्रतिशत थी। साल भर पहले यानी फरवरी २०१९ में यह २.९३ प्रतिशत पर थी।
सोमवार को जारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़़ों के अनुसार फरवरी २०२० में खाद्य सामग्रियों की थोक मुद्रास्फीति जनवरी २०२० के ११.५१ प्रतिशत से कम होकर ७.७९ प्रतिशत पर आ गई। इसी तरह आलू और प्याज की थोक मुद्रास्फीति भी जनवरी २०२० के २९३.३७ प्रतिशत और ८७.८४ प्रतिशत से कम होकर फरवरी २०२० में क्रमशः १६२.३० प्रतिशत और ६०.७३ प्रतिशत पर आ गई। पूर्व कारणों से चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति की दर अभी तक १.९२ प्रतिशत है‚ जो साल भर पहले २.७५ प्रतिशत थी।
इक्रा की अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा‚ ‘फरवरी २०२० में थोक मुद्रास्फीति में ठीक–ठाक गिरावट देखने को मिली है‚ और यह हमारे अनुमान के अनुकूल है। यह गिरावट मुख्यतः खाद्य सामग्रियों के दाम कम होने तथा कच्चा तेल व खनिजों के दाम में भी कुछ नरमी आने के कारण है। कच्चा तेल और खनिजों के दाम में आई गिरावट का असर आने वाले महीने में अधिक होने वाला है।

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